दोस्तों जब भी आप या आपके परिवार की कोई भी सदस्य बीमार होता है और आपको हॉस्पिटल का चक्कर लगाता है। तो आपकी सबसे बड़ी चिंता का विषय हो जाता है कि इलाज के दौरान न जाने मुझे कितने पैसे खर्च होंगे। मतलब हॉस्पिटल के खर्च को लेकर आपकी रोंगटे खड़े हो जाते होंगे। दोस्तों आज हम बात करने वाले है इंश्योरेंस के एक ऐसे फैसिलिटी के बारे में जहां पर आपको अगर मामूली सा बुखार भी होता है और आप इलाज करवाते है तो इलाज के दौरान Insurance Company खर्च कवर कर सकता है।
दोस्तों आज हम हेल्थ इंश्योरेंस के OPD फैसिलिटी के बारे में बात करने वाले है। जहां पर आपको डॉक्टर फीस और Blood Test, X-ray से लेकर दवाइयां खरीदने तक हुई खर्च को इंश्योरेंस कंपनी कवर करता है। यह बातें सुनकर आपको काफी खुशी हुई होगी। लेकिन यह कैसे पॉसिबल है इसे आपको समझना भी जरूरी है। तो अगर आप जानना चाहते है कि OPD क्या होता है और OPD इंश्योरेंस के दौरान कैसे मिलता है। तो इस आर्टिकल्स को पूरा पढ़िए और समझिए। हम आपके पूरे विस्तार से जानकारी देने वाले है। ताकि आपको अच्छे से समझ में आ सके।
OPD Health Insurance क्या होता है
OPD का पूरा नाम Outpatient Department होता है। किसी भी सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस में जब तक आप हॉस्पिटल में भर्ती नहीं होते है और जब तक आपके भर्ती हुए 24 घंटे नहीं होता है तब तक आपको इलाज के लिए पैसा नहीं मिलता है। परंतु जिस हेल्थ इंश्योरेंस में आपको OPD Cover का फायदा दिया जाता है। इसमें आपको हॉस्पिटल में भर्ती होने की नौबत नहीं आता है। फिर भी आपको इंश्योरेंस के द्वारा इलाज के लिए खर्च मिलता है।
हम आपको उदाहरण देते हुए बताते है जैसे आप डॉक्टर से मिलने का फीस, अल्ट्रासोनिक, एक्स-रे, Blood Tests या अन्य सभी Tests होता है उसका फीस और आपको दवा खरीदना है उनका बिल, इन सभी का खर्च आपको इंश्योरेंस कंपनी की तरफ कवर किया जाता है। आपको अगर मामूली बुखार आया है और आप डॉक्टर से मिल रहे हो तो आपको बुखार की इलाज के लिए भी कवर मिलेगा।
OPD कितने प्रकार का होता है
हम आपको अब बताने जा रहे है OPD कितने प्रकार का होता है। ताकि आपको पूरा ज्ञान हो। यह मुख्य 3 प्रकार के होते है। नीचे आपको बताया गया है।
1. In-built Cover
ये एक बेहतरीन विकल्प है। यह इंश्योरेंस के Base Policy लेने पर मिल सकता है। मतलब अब लगभग सभी हेल्थ इन्शुरन्स में OPD मिल ही जाता है। जिसमें इंश्योरेंस कंपनी आपको आपके इलाज के खर्च के पॉलिसी के नियम और शर्तों के अनुसार कुछ प्रतिशत में आपको इलाज के खर्च के लिए पैसे देते है।
2. Add-on Cover
Add-on का मतलब ही होता है कि आप जोड़ सकते है। यह फीचर्स ऐसा होता है कि आपने कोई इंश्योरेंस कंपनी का पॉलिसी लिया और उसमें आपको OPD की सुविधा नहीं दी गई है। तो आप Extra प्रीमियम देकर यह सुविधा ले सकते है। Extra प्रीमियम के तौर पर आपको कोई बड़ी राशि नहीं देना पड़ सकता है छोटी सी राशि दे कर आप OPD सुविधा ले सकते है।
अगर आपका पुराना हेल्थ इंश्योरेंस चल रहा है जिसमें आपको OPD की सुविधा नहीं है। तो आप अपने पुराने हेल्थ इंश्योरेंस में भी Extra प्रीमियम दे कर यह बेनिफिट ले सकते है। यह लगभग अब हर हेल्थ इंश्योरेंस में यह सुविधा दी जा रही है। जहां पर आप ऐड ऑन कर सकते है। यह सुविधा काफी फायदेमंद हो रहा है पॉलिसीधारक को के लिए।
3. Standalone Plan
यह एक तरह का स्पेशल OPD के लिए इंश्योरेंस होता है। जहां पर आपको इंश्योरेंस करने पर सिर्फ OPD की ही सुविधा मिलती है।
Expenses
आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि इलाज के तहत कौन-कौन से खर्च के कवर आपको मिलेंगे। हम आपको अब बताने जा रहे है की इलाज के दौरान किन-किन खर्च को इंश्योरेंस कंपनी कवर करेगी इसे ध्यानपूर्वक समझिए।
1. डॉक्टर कंसल्टेशन
जब भी आप बीमार पढ़ते हो तो आप डॉक्टर से मिलने जाते हो और डॉक्टर की एक फीस होती है। वह फीस देने के बाद ही आप डॉक्टर से मिल सकते हो और उसके बाद अपनी बीमारी के बारे में उनको बताते हैं और डॉक्टर ट्रीटमेंट शुरू करते है। डॉक्टर से मिलने का जो फीस होता है। वह फीस आपका कवर होगा। यह प्लान में इंक्लूड होते है।
2. Diagnostic Tests
जब आप डॉक्टर से मिलते हो और डॉक्टर आपकी बीमारी को देखते हुए वह बताते है कि आपको Blood Tests, X-ray, और अल्ट्रासाउंड इत्यादि तरह का जांच करवाने होंगे। यह सभी जांच करने में जो आपको खर्च होते है। उसमे भी आपको कवर मिल सकता है।
3. दवाइयां
डॉक्टर आपको इलाज के दौरान जो भी दवाइयां लिखते है और आप मेडिसिन शॉप पर जाकर दवाइयां लेते हो कितने पैसे आपके दवा में खर्च होते है वह भी कवर किया जा सकते है। आपको दवा लेते समय जो Bill मिलता है। वह Bill आपके इंश्योरेंस कंपनी को दिखाना पड़ता है।
4. अन्य
कुछ इंश्योरेंस कंपनियां आपको सर्जरी, Physiotherapy, भी OPD ट्रीटमेंट के अंतर्गत आ जाता है और आपको इस पर भी कवर मिल सकता है।
Claims
अब बात कर लेते है क्लेम की। दोस्तों देखो क्लेम की प्रक्रिया 2 तरह से होता है। हम आपको दोनों प्रक्रिया नीचे बता रहे है ध्यान पूर्वक समझिये।
1. Cashless
आप अगर इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल में जाते हो तो आपको अपनी जेब से पैसे देने की जरूरत ही नहीं है। आपके इलाज के दौरान जितने भी पैसे खर्च होंगे और इंश्योरेंस पॉलिसी के नियम और शर्तों के अनुसार जीतने का आपको कवर मिलेगा। इंश्योरेंस कंपनी या डायरेक्ट अस्पताल के साथ बिल सेटलमेंट कर सकता है।
2. Reimbursement
इस ऑप्शन में क्या होता है कि आप जिस भी अस्पताल में अपना इलाज करवाते हो तो इलाज के दौरान सारे पैसे आपको खुद खर्च करने होते है। बाद में आप बिल इंश्योरेंस कंपनी को प्रस्तुत करते हुए आप अपने इलाज के पैसे ले सकते है।
नोट:
हमेशा किसी भी इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम के नियम और शर्तों को हमेशा ध्यान से जरूर पढ़ें। क्योंकि यह दोनों क्लेम का ऑप्शन एक साथ कोई भी इंश्योरेंस कंपनी जल्दी नहीं देता है। इसलिए क्लेम की प्रक्रिया क्या है उसे ध्यान से समझने के बाद ही इंश्योरेंस ले।
Converge Limits
हमेशा इस चीज का ध्यान रखें और समझे। कोई भी इंश्योरेंस कंपनी आपको OPD खर्च का एक लिमिट देता है। हर इंश्योरेंस कंपनी का लिमिट अलग-अलग प्रतिशत में हो सकता है। Converge Limits 10% से 30% तक हो सकता है। हमेशा यह ध्यान रखें कि आपका इलाज के दौरान खर्च हुए पैसों का पूरा कवर इंश्योरेंस कंपनी नहीं करता है। इंश्योरेंस करते समय आप नियम और शर्तों को अच्छे से पढ़ें और देखें कि आपको कवर कितनी प्रतिशत तक मिल सकता है।
Waiting Period
OPD तुरंत से शुरू नहीं होता है। ऐसा नहीं है कि आपने आज पॉलिसी ली और 6 महीने बाद आप बीमार पड़े तो आपको कवर मिलेगा। OPD की फैसिलिटी आपको एक या दो साल तक प्रीमियम भरने के बाद शुरू हो सकता है।
OPD COVER EXPLAIN VIDEO -
ध्यान दें
इंश्योरेंस लेते समय Policy Boarding या क्लेम के कंडीशन को ध्यान पढ़ें जैसे OPD आपको तभी मिलेगा जब तक आप 2 साल तक कोई मेजर क्लेम न किए हो। या फिर आपको इलाज दौरान हुए खर्च का कवर तभी मिलेगा। जब इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल से आप इलाज करवाते हो। कुछ इस तरह की नियम और शर्तें हो सकता है इन्शुरन्स कंपनी का।
Disclaimer -
यह लेख शिक्षात्मक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए लिखा गया है। हेल्थ इंश्योरेंस में इन्वेस्टमेंट करना एक वित्तीय जोखिम हो सकता है। इसमें आपको लाभ या हानि हो सकता है। मैं कोई प्रचार नहीं कर रहा हूं। इंश्योरेंस लेने से पहले आप खुद की शोध जरूर करें। किसी विशेषज्ञ का राय विचार लेने के बाद इंश्योरेंस ले। हम और हमारी वेबसाइट किसी भी तरह का इंश्योरेंस लेने के लिए आपके सलाह नहीं देते है।


