अभी के समय में पैसे कमाने से ज्यादा मुश्किल है पैसा बचाना। क्योंकि लोग पैसे तो कमा रहे है। लेकिन वह अच्छी जगह इन्वेस्टमेंट करके अपने पैसे को बचाना और अच्छी रिटर्न्स भी चाहते है। काफी लोगों को अभी के समय में दो ऑप्शन दिखाई देते है म्युचुअल फंड या बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट। परन्तु आपको समझ में नहीं आता है कि कहां हम अपने पैसा को इन्वेस्टमेंट करें। जहां पर मुझे इन्वेस्ट करने के बाद रिटर्न भी अच्छी मिले ताकि हमारा निवेश राशि में बढ़ोतरी हो और हमरा निवेश सुरक्षित भी रहें। अगर आप भी इसको लेकर असमंजस में फंसे है कि हम अपनी कमाई को निवेश कहाँ करें। तो दोस्तों आज यह आर्टिकल हम आपके लिए लिख रखे है जहां पर हम आपको इस कंफ्यूजन को दूर करने में मदद करेंगे।
इन्वेस्टमेंट विकल्प
अभी के समय में लोग ज्यादातर अपना निवेश म्युचुअल फंड या बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट में कर रहे हैं। दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि आपके निवेश करने के लिए सही विकल्प म्यूचुअल फंड हो सकता है या फिर बैंक में फिक्स डिपॉजिट हो। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको म्युचुअल फंड और बैंक में फिक्स डिपॉजिट दोनों की अपने-अपने विशेषता और जोखिम बताने जा रहे है। ताकि समय अनुसार दोनों में से आपके लिए बेहतर कौन रहेगा वह आप निर्णय ले सके। हम उसके लिए रास्ता आसान करने की कोशिश करेंगे।
Bank FD
1. सुरक्षा
आम आदमी को सबसे सुरक्षित और आसान तरीका जो निवेश करने का लगता है वह उनको अपने बैंक में जाकर फिक्स्ड डिपॉजिट करना लगता है। यह एक हद तक काफी सुरक्षित भी है। यहां पर आपका पैसा पूर्ण रूप से सुरक्षित रहता है और आपके निवेश पर आपको ब्याज भी मिलता है। हम आपको नीचे आपके बैंक में होने वाले फिक्स्ड डिपॉजिट के और कई विशेषता बताते है।
2. जोखिम
सबसे पहले बात कर लेते है जोखिम का तो फिक्स डिपॉजिट में आपको जोखिम बहुत कम ना के बराबर मिलता है। क्योंकि यहां पर आपकी निवेश बैंक में सुरक्षित रहता है।
3. AnyTime Withdrawal
कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट ऐसे भी है जहां पर आपको भविष्य में कभी आपातकालीन पैसे की जरूरत होती है तो आप अपने फिक्स डिपाजिट को तोड़ भी सकते हैं और अपना निवेश राशि निकाल सकते है।
4. एकमुश्त निवेश
बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करने के लिए आपके हाथों पर एक बड़ा राशि होना चाहिए। फिक्स्ड डिपॉजिट में आपको एक ही बार राशि देनी होती है। उस पर आपको हर महीने, 3 महीने या एनुअल आपको ब्याज मिलता है।
5. ब्याज दर
बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट में आपको ब्याज दर सही मिल जाता है। भारत के जो प्रमुख बैंक के हैं इसमें आपको फिक्स डिपॉजिट पर 7 % से 9% तक ब्याज दर मिल सकता है। अगर आप बड़ा राशी निवेश अपने फिक्स डिपॉजिट में किए है तो आपको यह ब्याज के रूप में आपको अच्छी रिटर्निंग आता हुआ नजर आ सकता है। ब्याज कब चाहिए आप अपने हिसाब से समय अवधि चुन सकते है।
6. Penalties
बैंकों में अपने कुछ ऐसे फिक्स्ड डिपॉजिट है जहां पर आपको रिटर्न तो अच्छा मिलता है। परंतु अगर आप फिक्स डिपाजिट किया और आपके बीच में पैसों की आवश्यकता हुई और अपने फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ा तो आपके पेनल्टी भी लग सकता है। यह बैंक ग्राहकों के लिए थोड़ा परेशानी खड़ा करता है।
7. बुजुर्गों का सहारा
हमारे घर के बड़े बुजुर्ग हैं जिन्हें अभी के इस फाइनेंशियल दौर की ज्ञान नहीं है और वह अपना रिटायरमेंट का निवेश अगर बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट में करते है। तो यह उनके लिए सबसे सुरक्षित स्थान हो सकता है जहां पर उनको ब्याज मिले के दौरान उनको पेंशन मिलने का एहसास होगा।
8. Loan
बैंक में फिक्स डिपॉजिट करने का यह सबसे बड़ा फायदा है कि आप बैंक से लोन कभी भी ले सकते है। लोन लेने की सुविधा आपके लिए काफी आसान हो जाता है और बैंक भी आपको काफी आसानी के साथ आपको लोन देगा। हम आपको एक अनुमानित आंकड़ा बताते है कि आपके बैंक में कितनी राशि का फिक्स डिपॉजिट है। उसका 60 से 90% राशि का आप कभी भी लोन ले सकते हैं।
उदाहरण के लिए समझिए कि अपने बैंक में फिक्स डिपॉजिट किया और फिक्स्ड डिपॉजिट करने के बाद आपके बीच में कोई ऐसी आपातकालीन समस्या आया। तो आपको बैंक के फिक्स्ड डिपॉजिट को तोड़ने की नौबत नहीं आएगी। आप बैंक से लोन ले सकते है और लोन को आप धीरे-धीरे EMI में वापस कर सकते हैं।
Mutual Fund
म्यूचुअल फंड उनके लिए है जो फाइनेंशियल एक्सपर्ट है और उनको बाजार की ज्ञान है। म्यूचुअल फंड बाजार पर निर्भर करता है। म्यूचुअल फंड में बाजार उतार और चढ़ाव पर आपकी रिटर्निंग आने की आशा होती है। बात बिल्कुल साफ है अगर बाजार ऊपर की ओर जा रहा है तो आपका निवेश की रिटर्न अच्छी मिल सकती है अगर बाजार नीचे की ओर जा रहा है तो आपका निवेश से मिलने वाला रिटर्न नीचे की ओर जाएगा यानी कि आपको नुकसान होगा।
म्यूचुअल फंड में खासकर वह व्यक्ति प्रवेश करते है जो अपने निवेश के जोखिम पर लगाना चाहते हैं। उनको लगता है कि हम अपने इस निवेश का जल्दी अच्छी रिटर्न ले सकते है। तो वह इस प्रक्रिया को शुरू करते हैं। वह पूरी मजबूती के साथ खड़े रहते हैं और मार्केट की स्थिति को परखते रहे हैं। जब उनको लगता है कि हमारा अभी रिटर्न्स अच्छा मिल रहा है तो वह निवेश करते है। क्यों की म्यूचुअल फंड में निवेश करना जोखिम हो सकता है।
1. रिटर्न
अगर बात करें म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बाद आपकी निवेश पर कितनी प्रतिशत तक आपको रिटर्न मिल सकता है। तो एक्सपर्ट के अनुसार और अनुमानित आप जो है अपने निवेश के 12 से 18% तक रिटर्न मिल सकता है। यह एक अनुमानित आंकड़ा है। यह कम या ज्यादा हो सकता है यह बाजार के उतार और चढ़ाव पर निर्भर करता है।
2. SIP
म्यूचुअल फंड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप छोटी राशि के रूप में अपने निवेश शुरू कर सकते है। आप धीरे-धीरे अपने वित्तीय स्थिति के अनुसार निवेश को बड़ा कर सकते है। बहुत ही कम राशि के साथ यहां पर SIP शुरू हो जाता है। जहां आपको अपने निवेश को बड़ा करने में ज्यादा कठिनाइयां नहीं आएंगे।
3. विविधता
म्यूचुअल फंड में निवेश करने का आपको एक यह बेहतरीन फैसिलिटी मिल जाती है कि आप अलग-अलग कंपनी में अपना निवेश कर सकते है। आप अपने हिसाब से उस कंपनी का चयन कर सकते है जहां पर आपको रिस्क कम लगे। आप इसमें आजाद होते है अपने मन मुताबिक किसी भी कंपनी में निवेश करने को लेकर।
4. Exit Load
म्यूचुअल फंड में एग्जिट लोड की भी समस्या होती है। वहां पर कुछ फंड में अगर आप 1 साल से पहले निकासी करते है तो आपको अनुमान 1% तक का शुल्क देना पड़ सकता है।
5. Systematic Withdrawal
म्यूचुअल फंड में जैसे आप SIP के रूप में निवेश करते है। वैसे ही आप SWP के रूप में अपना निवेश निकाल भी सकते हैं। आप चाहे तो हर महीने अपने रिटर्न या निवेश राशि को आप विड्रॉल कर सकते है।
6. निकासी लिमिट
म्यूचुअल फंड में जब आप निकासी करते है तो यहां पर आपको थोड़ी सी कठिनाई आ सकती है। या आपके निकासी के लिए अधिक समय लग सकता है। कभी कभी आपके निकासी पर कैपिंग भी लग जाता है कि आप इतनी ही राशि निकाल सकते हैं। आपकी निकासी पर कई प्रकार से लॉक लगने की संभावनाएं होती है। जैसे मार्केट अगर अचानक Crash हो जाता है। तो ऐसी स्थिति में SEBI के नियम के अनुसार फंड हाउस निकासी पर कुछ दिनों के लिए लिमिट लगा दी जा सकती है। यहां पर Lock In Period का भी चक्कर होता है। जहां पर आपका फंड्स लॉक है या SEBI के नियम के अंतर्गत आता है। तो आप Lock In Period के बाद ही निकासी कर सकते हैं।
Disclaimer -
इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और शेयर बाजार निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। मैं (किशन झा) कोई SEBI रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) नहीं हूँ। निवेश करने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें या स्वयं गहन शोध करें। किसी भी लाभ या हानि के लिए यह ब्लॉग या लेखक जिम्मेदार नहीं होगा।

