Health Insurance New Rule: अब नेटवर्क हॉस्पिटल का झंझट खत्म! जानें क्या है 'Cashless Everywhere' सुविधा

Kishan Jha
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भारत में हेल्थ इंश्योरेंस में बहुत बड़ी बदलाव और एक क्रांति आई है। जो सालों से पॉलिसीधारकों की इच्छा थी और सालों से पॉलिसीधारकों इसको लेकर शिकायत किया करते थे। इस नई फाइनेंशियल ईयर में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी धारक के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। यह खुशखबरी कुछ इस प्रकार है कि अब आपको मिल रहे इलाज के लिए कवर राशि कैशलेस होंगे। आप किसी भी इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल में जाओ या आप अपने मन मुताबिक किसी भी अस्पताल में इलाज कराओ आपको कवर राशि अब हर जगह कैशलेस मिलेगा।


दोस्तों आज हम Cashless Everywhere की बात करने वाले है। जो कि अब हर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने लगभग लागू कर दिया है। यह कैसे काम करेगा इसकी हम आपको पूरी जानकारी विस्तार से देने वाले है। आप भी खुश हो जाइए अगर आपने किसी भी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लिया है और आपको इस बात की चिंता थी।  कि मुझे मिल रहे कवर राशि लेने में बहुत ज्यादा परेशानी होगा या यह सुविधा कैशलेस हर जगह हो जाता तो बढ़िया रहता।



Cashless Everywhere क्या है?


दोस्तों मैं आपको इसे साधारण भाषा में समझाने की कोशिश करता हूं। दोस्तों पहले क्या था कि आप किसी भी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेते थे और जब आपको इलाज की जरूरत होती थी। तो आप हेल्थ इंश्योरेंस वाली कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल में जाकर इलाज करवाते थे। तो ही आपको समय पर आपकी कवर राशि कैशलेस के तौर पर मिला करता था। यानी कि इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल में जाने पर आपको जितनी भी प्रतिशत में उनको कवर राशि देना होता था। वह आपको तुरंत से मिल जाता था। क्योंकि वह अपने नेटवर्क हॉस्पिटल से बिल सेटलमेंट कर देते थे। 


वही आप किसी भी इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल में ना जाकर अपने हिसाब से कोई अन्य अस्पताल में जाकर इलाज करवाते थे। तो आपको इलाज के दौरान अपनी जेब से पैसे खर्च करना पड़ता था। उसके बाद आपको बिल इंश्योरेंस कंपनी को देना पड़ता था और आपको काफी मशक्कत और कंपनी के चक्कर काटने पड़ते थे। फिर जाकर आपको आपके द्वारा खर्च किए गए बिल इन्शुरन्स कंपनी के द्वारा भुगतान किया जाता था। 


परंतु दोस्तों अब ऐसा नहीं है। 2026 में अब सभी इंश्योरेंस कंपनी को यह आदेश दिए गए हैं। कि वह अपने पॉलिसी धारक को उनके मन मुताबिक किसी भी अस्पताल में इलाज करवाने पर उनको तुरंत कैशलेस की सुविधा दी जाए। अब आप इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल में इलाज कराया या अपने हिसाब से अपने मन मुताबिक किसी भी अस्पताल में इलाज कराओ। आपको हर जगह कैशलेस की सुविधा दी जाएगी। यानी कि अब आपको किसी भी अस्पताल में इलाज करवाने पर जब से पैसे भरने की जरूरत नहीं है। आपका हर हॉस्पिटल में कैशलेस के तहत इंश्योरेंस कंपनी बिल सेटलमेंट कर लेंगे। 


Cashless Everywhere कब से लागू हुआ?


Cashless Everywhere का नियम 24 जनवरी 2024 में ही जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) द्वारा घोषित कर दिया गया था। जो कि अब 2026 में यह काफी तेजी से हर इंश्योरेंस कंपनी लागू करते हुए दिखाई दे रहे है। क्योंकि यह बहुत ही जल्दी लोकप्रिय और पॉलिसीधारकों के द्वारा लगातार दबाव दिए जाने के कारण। अब लगभग हर बड़ी इंश्योरेंस कंपनियां अब इन नियम को मान रही है और आपको हर जगह तुरंत कैशलेस की सुविधा प्रदान करने लगी है। 


यह कैसे काम करेगा 


दोस्तों अब आपके मन में एक सवाल आ रहा होगा कि हम अगर इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल के बजाय अपने मन मुताबिक किसी भी अन्य अस्पताल में जाते है तो मुझे यह कैशलेस की सुविधा लेने के लिए क्या करना होगा। दोस्तों इसमें कुछ स्टेप है जिसे आपको ध्यान में रखना है। तो आपको यह कैशलेस की सुविधा जल्दी मिल सकता है। 


1. सूचना देना 


आप जब भी इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क हॉस्पिटल ना जाकर आप किसी अन्य हॉस्पिटल में भर्ती होने गए है। तो आपको भर्ती होने पहले काम से कम 48 घंटे पहले आप इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करना होगा। हम इस हॉस्पिटल में भर्ती होने जा रहे है। 


2. EMERGENCY 


आप आपातकालीन भर्ती हुए है तो भर्ती होने के बाद आप 48 घंटे के अंदर इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें। हम इस अस्पताल में भर्ती हैं। ताकि वह आपके कवर राशि देने का इंतजाम में लग जाए।


3. कागजी कार्रवाई 


हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद आपको कंपनी को पॉलिसी पेपर/बॉन्ड पेपर देने होंगे। ताकि वह आपकी पॉलिसी पेपर को देखते हुए अस्पताल के साथ मिल कर Verification करें। 


4. Bill Settlement 


इंश्योरेंस कंपनी हॉस्पिटल से बात करेगी और हॉस्पिटल से वह अपना कैशलेस के अनुसार बिल सेटलमेंट कर लेगा। अब आपको इलाज में खर्च करने का टेंशन नहीं रहेगा। 


5. मानक अस्पताल 


यह भी जरूरी है कि अस्पताल मानक भी होना चाहिए। अस्पताल मानक का मतलब की अस्पताल में काम से कम 15 बेड होनी चाहिए और वह हॉस्पिटल/क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत भी हो। हॉस्पिटल अगर रजिस्टर्ड नहीं है तो आपको दिक्कत आ सकती है। इसलिए इस चीज की पहचान जरूर कर ले। रजिस्टर्ड  हॉस्पिटल/क्लीनिक में ही जाकर भर्ती होना चाहिए।


6. Hospital की सहमति 


आप जिस हॉस्पिटल में भर्ती है उस अस्पताल में आपको कैशलेस की सुविधा तभी मिल पायेगा जब अस्पताल की मंजूरी होगी। यानी कि अस्पताल इंश्योरेंस कंपनी के सभी नियम और शर्तों को देखते हुए अगर वह कैशलेस सुविधा लेने की या फिर इंश्योरेंस कंपनी के साथ मिलकर भी सेटलमेंट करने को राजी होता है तो ही आपको वहां पर इंश्योरेंस कंपनी कैशलेस की सुविधा दे पाएगा। क्योंकि इंश्योरेंस कंपनियों को अस्पताल को लेटर ऑफ कंसेंट देना होता है।


7. दवाइयां Claim 


आपको हॉस्पिटल में दवाइयां क्लेम तभी मिल पाएगा। जब इंश्योरेंस कंपनियों के नियम और शर्तों के अनुसार सारी चीज हो और दायरे में आता हो। दवाइयां के कवर राशि को लेकर आपके यहां पर हेल्थ इंश्योरेंस के नियम और शर्तें और हेल्थ इंश्योरेंस के प्लान पर निर्भर करता है।


Disclaimer -


इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। मैं किसी भी बीमा कंपनी का एजेंट या प्रतिनिधि नहीं हूँ। बीमा कंपनी एक वित्तीय जोखिम हो सकता है। बीमा कंपनी के किसी भी Insurance प्लान में निवेश करने या पॉलिसी खरीदने से पहले कृपया कंपनी के आधिकारिक नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। हम किसी भी प्रकार के वित्तीय लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।


निष्कर्ष 


आज इस आर्टिकल से हमने जाना की Cashless Everywhere की सुविधा हेल्थ इंश्योरेंस में कैसे काम करता है और पॉलिसी धारक को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आशा करता हूं कि आपको सभी जानकारी अच्छे से समझ में आ चुका होगा। फिर भी आपको लगता है कि आपका मन में कोई सवाल है तो आप मुझे फीडबैक दे सकते हैं। 

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